पर्यावरण

हम सभी पृथ्वी की मदद करना चाहते हैं। लेकिन कैसे?


शाकाहारी बनकर हम ग्लोबल वार्मिंग, वर्षावन विनाश, और प्रदूषण को रोकने के साथ ही साथ, पानी और अन्य महत्वपूर्ण चीज़ों की बचत कर सकते हैं।

बल्कि, भोजन के लिए जानवरों की परवरिश करने के कारण पैदा होने वाली ग्रीन हाउस उत्सर्जन गैस सभी कारों, विमानों, और परिवहन के अन्य माध्यमों से अधिक होती है। शाहकारी बनने के लिए इससे बेहतर समय कभी नहीं होगा।

मांस आधारित आहार के लिए शाकाहारी की तुलना में कई अधिक भूमि की आवश्यकता होती है। कितनी ज़्यादा? १०-२०x अधिक!

 
भोजन के लिए जानवरों (चराई और चारे को उगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली भूमि) की परवरिश में अब पृथ्वी की एक चौंका देने वाली ३०% भूमि के हिस्से का उपयोग होता हैl
भोजन के लिए जानवरों (चराई और चारे को उगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली भूमि) की परवरिश में अब पृथ्वी की एक चौंका देने वाली ३०% भूमि के हिस्से का उपयोग होता हैl

३०%

८०%

अमेज़न में आज लगभग ८०% कटी हुई भूमि को पशु चारागाह के रूप में प्रयोग किया जा रहा हैl
एक पौंड सोया प्रोटीन की तुलना में एक पौंड पशु प्रोटीन के उत्पादन में लगभग १२ गुना अधिक भूमि, १३ गुना अधिक जीवाश्म ईंधन, और १५ गुना अधिक पानी इस्तेमाल होता है।
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